दर्शनशास्त्र

संपादकीय

nmivioop

वेब पत्र का उद्देश्य-

.

मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ, बिहार, झारखण्ड तथा उत्तरांचल की पी.एस.सी परीक्षा तथा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा  के परीक्षार्थियो के लिये सहायक पाठ्य- सामग्री उपलब्ध कराना, इस वेब पत्र का सर्वप्रमुख अव्यवसायिक उद्देश्य है।

 यह वेब पत्र सिविल सेवा परीक्षा मे हिन्दी माध्यम के लोकप्रिय विषय लेने वाले परीक्षार्थियो की सहायता का एक प्रयास है। इस वेब पत्र का उद्देश्य किसी भी प्रकार का व्यवसायिक लाभ कमाना नही है। इसमे विभिन्न लेखो का संकलन  किया गया है।

 

लेखकों से-

.

आप हिन्दी साहित्य, इतिहास, लोकप्रशासन, दर्शनशास्त्र, सामान्य अध्ययन, समसामयिकी तथा अन्य परीक्षा  से संबंधित उपयोगी सामगी या आलेख यूनिकोड लिपि या कॄतिदेव लिपि में भेज सकते है। हमारा पता है- mitwa1980@ gmail. com

आपके द्वारा भेजे गये आलेख या सामग्री मे संशोधन तथा संपादन का अधिकार संपादक  को  होगा। भेजे गये आलेख या सामग्री हेतु कोई पारिश्रमिक नही दिया जायेगा। भेजे गये आलेख या सामग्री से संबंधित कोई भी पत्र व्यवहार केवल ई-मेल के माध्यम से किया जा सकता है। हमारा पता है- mitwa1980@ gmail.com

 

प्रत्याख्यान-

.

यह एक अव्यवसायिक वेबपत्र है जिसका उद्देश्य केवल सिविल सेवा तथा राज्य लोकसेवा की परीक्षाओं मे हिन्दी माध्यम के लोकप्रिय विषय हिन्दी साहित्य, इतिहास, लोकप्रशासन, दर्शनशास्त्र, सामान्य अध्ययन आदि  लेने वाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है। यदि इस वेबपत्र में प्रकाशित किसी भी आलेख या सामग्री से आपत्ति हो तो  कॄपया इस ई-मेल पते पर सम्पर्क करें –  

mitwa1980 @ gmail.com ;  

किसी भी आपत्तिजनक आलेख अथवा सामग्री को इस वेबपत्र से हटा दिया जायेगा।

इस वेबपत्र की किसी भी सामग्री का प्रयोग व्यवसायिक रूप से नहीं किया जा सकता है।  केवल अव्यवसायिक रूप से  प्रकाशित या प्रसारित होने वाले माध्यमों  में इस वेबपत्र की  सामग्री का प्रयोग   किया जा सकता है। हिन्दी ब्लॊगर अपने ब्लॊग पर इस वेब पत्र का लिंक प्रेषित करने के लिये स्वतंत्र है।

विजय-मित्र एक अव्यवसायिक वेबपत्र है। इस वेबपत्र की डिजाइन इसका विकास और प्रस्‍तुतीकरण संपादक द्वारा किया जाता है। संपादन का कार्य, संपादक-मंडल द्वारा भी किया जा सकता है। संपादक या संपादक-मंडल के सभी पद अवैतनिक है।

य‍द्यपि इस वेबपत्र की विषयवस्‍तु की यथार्थता और प्रचलन सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं, तथापि संपादक, विषय वस्‍तु की यथार्थता, पूर्णता उपयोगिता के संबंध में अन्‍यथा उत्‍तरदायी नहीं है। प्रयोक्‍ताओं को किसी भी सूचना के सत्‍यापन की जांच स्रोतों से करने, और वेबपत्र में दी गई सूचना पर कार्य करने के पहले कोई उपयुक्‍त परामर्श लेने का सुझाव दिया जाता है।

किसी भी हाल में संपादक या संपादक-मंडल का कोई सदस्य, इस वेबपत्र के उपयोग के सम्‍बन्‍ध में होने वाले खर्च, हानि या क्षति सहित, असीमित रूप में, अप्रत्‍यक्ष या परिणामी हानि या क्षति या कोई खर्च, हानि या क्ष‍ति जो भी उपयोग के कारण होता है, के लिए उत्‍तरदायी नहीं होगा।

अन्‍य वेबसाइटों/ब्लॊगो के साथ संबंध, जिन्‍हें इस वेबपत्र में शामिल किया गया है, उन्‍हें केवल प्रयोक्‍ताओं की सुविधा के लिए दिया गया है। संपादक या संपादक-मंडल, विषय वस्‍तुओं या सम्बद्ध वेबसाइटों की विश्‍वासनीयता के लिए उत्‍तरदायी नहीं है और उनके अंतर्गत प्रकट दृष्टिकोण से अनिवार्य रूप से समर्थन नहीं करता है। हम सब समय ऐसे सम्‍बद्ध पृष्‍ठों की उपलब्‍धता की गारंटी नहीं दे सकते है।

इस वेबपत्र पर प्रदर्शित सामग्री का केवल अव्यवसायिक रूप से नि:शुल्‍क पुनरूत्‍पादन किया जा सकता है। तथापि, सामग्री का पुनरूत्‍पादन यथार्थ रूप में किया जाना है और उनका उपयोग अपमान जनक या गुमराह करने के संदर्भ में न किया जाए। जहां कहीं भी सामग्री का प्रकाशन किया जाता या दूसरों को जारी किया जाता है तो स्रोत की अभिस्‍वीकृति दी जाए।
 
 
गोपनीयता नीति

.

विजय-मित्र वेबपत्र स्‍वत: आपसे किसी विशिष्‍ट व्‍यक्तिगत सूचना का अभिग्रहण नहीं करता है, (जैसाकि नाम, फोन नम्‍बर या ई मेल पता) जिससे कि आपको हम इस रूप में पहचान सकें। तथापि आपके द्वारा इस वेबपत्र पर कोई कमेंट/राय/सुझाव/फ़ीडबैक दिया जाता है उसी स्थिति में आपका नाम या ई मेल पता (यदि स्वीकॄति हो तो) का अभिग्रहण किया जाता है। हम किसी तृतीय पक्ष को (सरकारी/निजी) स्‍वैच्छिक रूप से दी गई पहचानने योग्‍य व्‍यक्तिगत सूचना को नहीं बेचते या किसी के सामने खुलासा नहीं करते हैं।

हम प्रयोक्‍ता के बारे में कुछ सूचना एकत्र करते हैं जैसाकि इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पता, स्‍वामित्‍व नाम, ब्राउजर का प्रकार, ऑपरेटिंग सिस्‍टम, देखने की तिथि और समय और देखे गए पृष्‍ठ। जब तक की साइट को बर्बाद करने की चेष्‍टा का पता न लगाया जाए हम हमारे वेबपत्र को देखने वाले व्यक्तियों की पहचान से इन पतों को सम्‍बद्ध करने का प्रयास नहीं करते हैं।
 
 
 सहबद्ध करने की नीति

.

• बाह्य वेबसाइटों/वेबपत्रों/ब्लॊगो के साथ सहबद्ध करना

वेबपत्र में कई जगहों पर आप अन्‍य वेबसाइटों/वेबपत्रों/ब्लॊगो से सम्‍बन्‍ध पाएंगे। ये सम्‍बन्‍ध आपकी सुविधा के लिए दिए गए हैं। यह वेबपत्र सहबंद्ध वेबसाइटों की विषय वस्‍तु और विश्‍वसासनीयता के लिए जिम्‍मेदार नहीं है और उनमें प्रकट दृष्टिकोणों से सहमत है, यह अनिवार्य नहीं है। इस वेबपत्र पर सम्‍बन्‍ध की उपस्थिति मात्र या इसका सूचीकरण को किसी प्रकार की सहमति नहीं मान लेनी चाहिए। हम यह गारंटी नहीं दे सकते हैं कि ये सम्‍बन्‍ध हमेशा कार्यरत रहेंगे क्योंकि हमारा सहबद्ध पृष्‍ठों पर नियंत्रण नहीं हैं।

• अन्‍य वेबसाइटों/वेबपत्रों/ब्लॊगो के लिए इस वेबपत्र से जुड़े लिंक

इस वेबपत्र पर रखी गई सूचना से प्रत्‍यक्ष सम्‍बन्‍ध रखने के लिए हम निषेध नहीं करते हैं और इसके लिए किसी पूर्व अनुमति की आवश्‍यकता नहीं है। तथापि, हम चाहते हैं कि आप इस वेबपत्र पर दिए गए किसी सम्‍बन्‍ध के बारे में सूचित करें जिससे कि आपको इसमें किसी प्रकार के परिवर्तन या अध्‍यतनीकरण की सूचना दी जा सके।

 

 

संपादक- मिथिलेश वामनकर

मेरा परिचय

 

 

 

 

 

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

Blog Stats

  • 72,222 hits

प्रत्याख्यान

यह एक अव्यवसायिक वेबपत्र है जिसका उद्देश्य केवल सिविल सेवा तथा राज्य लोकसेवा की परीक्षाओं मे दर्शनशास्त्र का विकल्प लेने वाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है। यदि इस वेबपत्र में प्रकाशित किसी भी सामग्री से आपत्ति हो तो इस ई-मेल पते पर सम्पर्क करें-

mitwa1980@gmail.com

आपत्तिजनक सामग्री को वेबपत्र से हटा दिया जायेगा। इस वेबपत्र की किसी भी सामग्री का प्रयोग केवल अव्यवसायिक रूप से किया जा सकता है।

संपादक- मिथिलेश वामनकर

दिसम्बर 2016
सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि रवि
« मार्च    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
%d bloggers like this: